
ऋषिकेश। गंगा नदी पार करने की एक लापरवाह शर्त चार युवकों के लिए जानलेवा साबित होते-होते बची। जोश और रोमांच में उठाया गया कदम कुछ ही मिनटों में डर और बेबसी में बदल गया। गंगा की तेज धारा में फंसते ही चारों युवकों के होश उड़ गए और वे मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे। समय रहते जल पुलिस की तत्परता ने चारों की जान बचा ली।
मंगलवार को हरियाणा के हिसार जनपद के ग्राम बामडोली निवासी सुरेंद्र सिंह (19), नीतीश (19), आनंद (20) और आजाद (19) लक्ष्मणझूला क्षेत्र के स्वर्गाश्रम घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। स्नान के दौरान दोस्तों के बीच गंगा नदी पार करने की शर्त लग गई। बिना नदी की गहराई और तेज बहाव का आकलन किए चारों युवकों ने गंगा में छलांग लगा दी।
करीब 50 मीटर तक पहुंचने के बाद गंगा की तेज धारा और थकान के आगे उनकी हिम्मत जवाब दे गई। देखते ही देखते चारों युवक बीच धारा में फंस गए और जान बचाने के लिए हाथ-पैर मारते हुए मदद की गुहार लगाने लगे। नदी किनारे मौजूद लोगों ने जब युवकों को बहाव में संघर्ष करते देखा तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही मुनि की रेती घाट पर तैनात जल पुलिस की टीम तुरंत सक्रिय हुई। मोटर बोट लेकर पहुंचे जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और घाट तक पहुंचाया।
एसडीआरएफ ढालवाला के निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि समय पर रेस्क्यू अभियान चलाए जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षित बचाए जाने के बाद चारों युवकों ने राहत की सांस ली और जल पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि गंगा जैसी तीव्र बहाव वाली नदियों में रोमांच या शर्त के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि नदी में उतरने से पहले सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

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