हार्वर्ड मॉडल से यूपीईएस को नई उड़ान, अनुभवात्मक शिक्षण से तैयार होंगे ग्लोबल लीडर्स

देहरादून। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रबंधन शिक्षा को और मजबूत करने की दिशा में यूपीईएस ने हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट (एचबीआई) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस पहल के तहत विश्वविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर प्रबंधन कार्यक्रमों में अनुभवात्मक और केस-आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्रों को वैश्विक व्यावसायिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

यूपीईएस ने कहा कि वह ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ और ‘एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी’ के अपने विजन के तहत वैश्विक शैक्षणिक संसाधनों, तकनीक-सक्षम शिक्षण, एआई-आधारित क्षमताओं और उद्योग से जुड़े अनुभवों को छात्र शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। इसी कड़ी में यह साझेदारी छात्रों की विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और समस्या-समाधान दक्षता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, बदलते कारोबारी परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटल परिवर्तन तेजी से नई मांगें पैदा कर रहे हैं। ऐसे में यह सहयोग छात्रों को कक्षा की पढ़ाई और वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों के बीच की दूरी कम करने में मदद करेगा।

इस साझेदारी के तहत छात्रों को हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल की केस स्टडीज़, हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के लेख, मल्टीमीडिया सामग्री, वीडियो केस, पॉडकास्ट और अन्य शिक्षण संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। इन संसाधनों के जरिए छात्र समकालीन व्यावसायिक चुनौतियों, उद्योग की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और वैश्विक प्रबंधन दृष्टिकोणों को अधिक व्यावहारिक तरीके से समझ सकेंगे।

इसके अलावा, छात्रों को हर वर्ष आठ उच्च-प्रभाव वाले व्यावसायिक सिमुलेशन का लाभ मिलेगा। इन सिमुलेशन के माध्यम से वे वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों में सैद्धांतिक अवधारणाओं का उपयोग कर अपनी रणनीतिक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल को और बेहतर बना सकेंगे।

यूजी और पीजी कार्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए वित्त, लेखांकन, प्रबंधन संचार, मात्रात्मक विश्लेषण और स्प्रेडशीट मॉडलिंग जैसे विषयों पर आधारित छह विशेष ब्रिजिंग कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, छात्रों को ‘मैनेज मेंटर’ कार्यक्रम तक पहुंच दी जाएगी, जिससे वे स्व-गति आधारित मॉड्यूल्स के माध्यम से व्यावहारिक प्रबंधकीय दक्षताओं का विकास कर सकेंगे।

यह साझेदारी केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फैकल्टी विकास पर भी जोर देगी। इसके तहत ‘टीचिंग विद केसेज़’ कार्यशालाएं, प्रीमियम एजुकेटर अकाउंट्स, पाठ्यक्रम मैपिंग सहायता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन तथा हाइब्रिड लर्निंग जैसे विषयों पर ऑन-डिमांड वेबिनार्स की सुविधा भी दी जाएगी।

यूपीईएस के प्रो वाइस-चांसलर (स्टूडेंट सक्सेस) डॉ. अभिषेक सिन्हा ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा का भविष्य शैक्षणिक शिक्षण और वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों के बीच प्रभावी सेतु बनाने में है। उन्होंने कहा कि हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट के साथ यह साझेदारी छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त केस स्टडीज़, इमर्सिव सिमुलेशंस और अनुभवात्मक शिक्षण अवसरों तक पहुंच देगी, जिससे उनकी विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल सशक्त होंगे।

हार्वर्ड बिज़नेस इम्पैक्ट, भारत के निदेशक दिवेश मेहता ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा को उसी गति से विकसित होना चाहिए, जिस गति से दुनिया बदल रही है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग छात्रों को व्यवहारिक और अनुभवात्मक शिक्षण अवसर देगा, जिससे वे वास्तविक व्यावसायिक निर्णय लेने की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

यूपीईएस का मानना है कि यह साझेदारी उद्योग-संबद्ध और वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षण अनुभव उपलब्ध कराने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, उभरती प्रौद्योगिकियां, एआई-आधारित शिक्षण, वैश्विक अनुभव और व्यावहारिक अनुप्रयोग का प्रभावी समन्वय हो।

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