अयोध्या में सियासी हलचल: केजरीवाल ने रामलला के दरबार में की सुख-समृद्धि की कामना, चढ़ावा चोरी मामले में FIR को बताया ‘दिखावा’

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में शुक्रवार को सियासी और धार्मिक हलचल देखने को मिली, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन किए। उनके साथ राज्यसभा सांसद एवं पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह भी मौजूद रहे। केजरीवाल गुरुवार को ही सड़क मार्ग से अयोध्या पहुंच गए थे और देर रात तक कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते रहे।

रामलला के दर्शन के बाद केजरीवाल ने हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान राम से सभी की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करना उन्होंने अपने लिए सौभाग्य बताया।

चढ़ावा चोरी मामले में केजरीवाल का हमला

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या पुलिस द्वारा दर्ज FIR को ‘दिखावा’ और ‘ढोंग’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सिर्फ छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

केजरीवाल ने कहा, “मैंने प्रार्थना की कि जिन लोगों ने भी श्री राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का महापाप किया है, भगवान उन्हें कठोर से कठोर दंड दें।” उन्होंने कहा कि यह गबन इतने लंबे समय से चल रहा था कि इसमें छोटे कर्मचारियों के अलावा और भी लोग शामिल रहे होंगे। उन्होंने FIR दर्ज करने को महज दिखावा बताते हुए कहा कि असली दोषियों को बचाया जा रहा है।

क्या है चढ़ावा चोरी का मामला?

बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गबन की शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई। इस FIR में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें नकदी गिनती प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, तिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, करुणेश पांडे और रामशंकर मिश्रा शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जिसमें कर्मचारी द्वारा चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जिसकी अध्यक्षता लखनऊ के संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं।

सीएम योगी का पलटवार

केजरीवाल के बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक सार्वजनिक सभा में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास सबूत हैं, वे एसआईटी को सौंप दें, बिना सबूत के आरोप न लगाएं। सीएम योगी ने कहा, “हमने शुरू से कहा था कि सच्चाई सामने आएगी। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई।”

सीएम योगी ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा, “एक सज्जन (अरविंद केजरीवाल) दिल्ली से अयोध्या आए हैं। मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें कई साल मौके दिए, लेकिन उन्होंने दिल्ली को सिवाय भ्रष्टाचार के कुछ नहीं दिया… अगर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के साथ वही न्याय किया होता जो बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने अयोध्या के साथ किया, तो दिल्ली भी अयोध्या की तरह चमकती।”

विहिप और बीजेपी का रुख

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जांच किसी को बख्शेगी नहीं और FIR में नामजद लोगों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने स्वयं एसआईटी गठन का अनुरोध किया था। बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष के सवाल उठाने से पहले ही ट्रस्ट ने FIR दर्ज कराई और एसआईटी का गठन किया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

गौरतलब है कि इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी ‘नैतिक आधार’ पर इस्तीफा दे दिया है।

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