

आठ महीने में दूसरी बड़ी दुर्घटना, एआईसीसी सदस्य धस्माना ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जनपद में निर्माणाधीन विष्णुगाढ़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में शुक्रवार को टनल में अचानक मलवा और पानी घुसने से हुई दुर्घटना में अब तक 9 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना को लेकर अब सुरक्षा मानकों और भूगर्भीय सर्वेक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने आज कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा, “इस पूरे क्षेत्र की भूगर्भीय परिस्थितियों पर गहन अध्ययन और विचार-विमर्श नहीं किया गया, जिसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ा।”
श्री धस्माना ने कहा कि पिछले आठ महीनों में यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, फिर भी कार्यदायी संस्था टीएचडीसी के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि टनल में काम करने वाले श्रमिकों के लिए क्या सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। उन्होंने राज्य की आपदा प्रबंधन तंत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “पहली घटना के बाद टीएचडीसी को सुरक्षा के ठोस निर्देश क्यों नहीं दिए गए?”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थानों के खिलाफ जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने घायल श्रमिकों के इलाज और परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना टीएचडीसी (टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) के अधीन है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा है, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने से आक्रोश फैल गया है। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है और अधिकारियों पर सवालों के घेरे में आ गए हैं।

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