
10% क्षैतिज आरक्षण और पुरानी पेंशन की मांग पर सम्मेलन में उठी एक आवाज
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप उत्तराखंड आंदोलनकारी कर्मचारी कल्याण संगठन के सम्मेलन में शामिल हुए और कर्मचारियों की मांगों को पूर्ण समर्थन दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष संतन सिंह रावत ने की, जिसमें राज्यभर से सैकड़ों कर्मचारी नेता एकत्रित हुए।
सम्मेलन को धीरेंद्र प्रताप के साथ राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद की नवनियुक्त उपाध्यक्ष चारु कोठारी ने भी संबोधित किया। दोनों नेताओं ने एकस्वर में कहा कि आंदोलनकारी कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और सरकार को इन पर गंभीरता से ध्यान देते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से दो मांगें उठाई गईं – पहली, क्षैतिज आरक्षण अधिनियम में राज्य सरकारी कर्मचारी आंदोलनकारियों को भी दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। दूसरी, शासनादेश संख्या 1269 के तहत 11 अगस्त 2004 को नियुक्त हुए आंदोलनकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। चारु कोठारी ने कहा कि सरकार को शीघ्र ज्ञापन सौंपा जाएगा और जो भी संभव सहायता होगी, वह दी जाएगी।

सम्मेलन को संगठन के महासचिव नवीन नैथानी, प्रवक्ता महेश जोशी और उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने भी संबोधित किया।

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