
देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में ट्रामाडोल तस्करी गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार प्रजापति निवासी मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में रुड़की में रहकर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 11 मई 2026 को थाना मंगलौर क्षेत्र से 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल से जुड़े साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और डिजिटल जांच में अंकित प्रजापति की भूमिका सामने आई।
जांच में खुलासा हुआ कि अंकित जनवरी 2026 से लगातार ट्रामाडोल कैप्सूल की सप्लाई कर रहा था और कमीशन काटकर शेष रकम मुख्य आरोपी को नकद और बैंक माध्यम से भेजता था। अब तक उसे लगभग 77 पेटियां (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE ट्रामाडोल कैप्सूल विभिन्न खेपों में प्राप्त हुई थीं।
एसटीएफ ने बताया कि आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, लेकिन तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया। आरोपी के कब्जे से एक जियो कीपैड मोबाइल और एक वीवो V50e फोन बरामद कर सीज कर दिए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी चार मुकदमे दर्ज हैं। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस या एसटीएफ को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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