
देहरादून, । आगामी मानसून सीजन को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशन में मंडल के सभी जिलाधिकारी समन्वित रणनीति के तहत संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों में जुटे हैं। आयुक्त ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जनपदों में 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और प्रभावी बनाना है। जनपदवार अभ्यासों से आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा में कम से कम समय में कार्रवाई हो सके।
पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल समेत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी विभागों को आवश्यक संसाधनों, उपकरणों एवं मानव बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में राहत कार्यों में देरी न हो।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों से मौसम विभाग के पूर्वानुमान और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई की रणनीति से गढ़वाल मंडल को हर चुनौती के लिए तैयार किया जा रहा है।

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