मंत्री रेखा आर्या की सख्ती: हर माह तौलें आंगनबाड़ी बच्चों का वजन, FRS से ही बंटे पोषाहार, 3211 रिक्त पदों पर जल्द हो भर्ती

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की जमीनी हकीकत परखते हुए मंत्री ने कई अहम निर्देश जारी किए और स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत सभी बच्चों का हर महीने वजन तोलने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की सही पहचान करना है, ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़कर स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाया जा सके। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि इस संवेदनशील कार्य में किसी प्रकार की हीलाहवाली न बरती जाए।

पोषाहार वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि टीएचआर पोषाहार का वितरण केवल FRS के माध्यम से हो और इसका पूरा डेटा अनिवार्य रूप से FRS ट्रैकर में दर्ज किया जाए। मंत्री का मानना है कि इससे प्रदेश का रिकॉर्ड राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर होगा और केंद्र से योजनाओं के लिए समुचित बजट प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण में ड्यूटी लगने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केंद्रों से अनुपस्थित रह रही हैं और विभागीय काम प्रभावित हो रहा है। इस पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी जिलों में पत्राचार कर यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यकत्रियां कार्य दिवस में कम से कम एक घंटा आंगनबाड़ी केंद्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और विभागीय दायित्वों का भी निर्वहन करें।

मंत्री ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को एक माह के भीतर आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों के आभा आईडी और आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2773 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि मानव संसाधन की कमी से केंद्रों का काम प्रभावित न हो।

अंत में मंत्री रेखा आर्या ने शासन और जिला स्तरीय अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि विभागीय योजनाओं का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय कार्यों के संपादन में कोई लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार यादव, निदेशक बीएल राणा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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