
नई दिल्ली। करोड़ों रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के महज ढाई महीने बाद सड़क धंसने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शामली इंटरचेंज के पास लिसाड़ गांव के निकट सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे बनने के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार पर शिकंजा कस दिया।
एनएचएआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी (EPC) ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एनएचएआई के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के दौरान एक स्थान पर पानी जमा होने से सड़क का हिस्सा धंस गया। प्राधिकरण का कहना है कि जिस स्थान से स्थायी ड्रेनेज सिस्टम के जरिए पानी की निकासी होनी थी, वहां स्थानीय लोगों के विरोध के चलते व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। संबंधित पुलिया का उपयोग वाहन आवागमन के लिए किया जा रहा था, जिससे जल निकासी प्रभावित हुई। फिलहाल पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए समानांतर अस्थायी नाला बनाया जा रहा है।
सड़क धंसने के कारण एक्सप्रेसवे से गुजर रहे कई वाहन हादसे का शिकार हो गए। अचानक बने गहरे गड्ढों में फंसने से कई वाहनों के टायर फट गए और रिम क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
एनएचएआई ने बताया कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है और एक्सप्रेसवे पर यातायात फिर से सामान्य कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। प्राधिकरण ने भरोसा दिलाया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।

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