
एक फर्जी लाइसेंस नंबर पर बनाए गए दो कूटरचित दस्तावेज़, दो हथियार खरीदने वाला आरोपी STF के हत्थे चढ़ा — अब तक 19 अवैध शस्त्र व 358 कारतूस बरामद
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 13वीं गिरफ्तारी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंसधारकों के खिलाफ चल रहे इस अभियान में एसटीएफ ने काशीपुर में सटीक दबिश देकर एक आरोपी को अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस समेत दबोचा है।
जांच के दौरान एसटीएफ ने एक ऐसा चौंकाने वाला मामला उजागर किया है, जिसकी गंभीरता और व्यापकता ने इसे राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बना दिया है। खुलासे के मुताबिक एक ही फर्जी लाइसेंस नंबर पर दो अलग-अलग कूटरचित लाइसेंस तैयार किए गए थे, जिनके सहारे आरोपी ने दो हथियार खरीद लिए। पकड़ा गया अभियुक्त पलविंदर सिंह पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह, निवासी ग्राम कचनालगंजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 46 वर्ष है। उसके पास से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर) और चार जिंदा कारतूस (.30 बोर) के साथ-साथ एक राइफल (.315 बोर) और चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक कुल 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनके पास से 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं। एसटीएफ ने इस पूरे नेटवर्क को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि जिन लोगों के पास फर्जी शस्त्र लाइसेंस हैं, वे स्वयं अपने हथियार और लाइसेंस सहित सामने आकर आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाज़े तक पहुंचेगा।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कंवाल शामिल रहे।

Recent Comments