टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ, CM धामी ने दिखाई हरी झंडी – 49 श्रद्धालुओं का पहला दल रवाना

चम्पावत। देवभूमि उत्तराखंड से पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का विधिवत शुभारंभ रविवार को टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया, जबकि पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही इस यात्रा का अवसर मिलता है और श्रद्धा व धैर्य से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। इससे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, होटल व्यवसाय और व्यापार को भी नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और मंदिरों के पुनरुद्धार के कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण से जोड़ा।

प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। यह दल देश के विभिन्न राज्यों—आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आया है, जो भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है।

तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार इस दल के चिकित्सक हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा तीर्थयात्री हैं। सातवीं बार यात्रा पर जा रहे अनिल कुमार जैन सहित अन्य यात्रियों ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की।

शनिवार को टनकपुर पहुंचे यात्रियों का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से यात्रा संचालित हो रही है, जिससे चम्पावत जिले को धार्मिक पर्यटन में नई पहचान मिली है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी मनीष कुमार, एसपी रेखा यादव सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच प्रथम दल के प्रस्थान से पूरे टनकपुर में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल रहा।

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