
देहरादून। राजधानी देहरादून के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाली महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने जनसुनवाई प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को सेक्टर-1 के तहत अजबपुर खुर्द स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में आयोजित पहले कैंप में 18 लोगों ने अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में नागरिकों ने महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी राय रखी। अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों का अभिलेखीकरण करते हुए उनके परीक्षण और आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महायोजना-2041 केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य का विजन है। तेजी से बढ़ती आबादी, अनियोजित निर्माण, ट्रैफिक दबाव और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में आवासीय विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियां, औद्योगिक विकास, हरित क्षेत्र, सड़क नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी है, इसलिए नागरिकों को सुझाव देने का अवसर दिया जा रहा है।

प्राधिकरण के अनुसार 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक शहर के 12 सेक्टरों में अलग-अलग स्थानों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। प्रत्येक जनसुनवाई सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें स्थानीय नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव रख सकेंगे। प्राप्त सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार महायोजना में संशोधन भी किया जाएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि शहर के बेहतर भविष्य के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
देहरादून जैसे संवेदनशील शहर के लिए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। महायोजना-2041 में हरित क्षेत्रों के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सुनियोजित शहरी विकास पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे में जनसुनवाई से मिलने वाले सुझाव इस योजना को जमीन से जोड़ने और अधिक प्रभावी बनाने में अहम साबित होंगे।


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