

पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के मार्गदर्शन में होगा पदयात्रा मार्ग का सर्वे, सामूहिक मुंडन संस्कार भी होंगे आयोजित
देहरादून । उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैण की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। स्थायी राजधानी गैरसैण समिति की सोमवार को हुई व्हाट्सएप मीट बैठक में इस दिशा में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक अत्यंत सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए आंदोलन को सफल बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव व विचार साझा किए।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी 15 अगस्त 2026 से प्रस्तावित देहरादून से गैरसैण पदयात्रा रहा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में एक चार सदस्यीय टीम पदयात्रा मार्ग का सर्वेक्षण करेगी। यह टीम यात्रा के दौरान रात्रि विश्राम, भोजन, जनसंपर्क एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर विस्तृत योजना तैयार करेगी, जिसे बाद में सभी सदस्यों के साथ साझा किया जाएगा।
बैठक में 13 और 15 अगस्त को आयोजित होने वाले सामूहिक मुंडन संस्कार कार्यक्रम पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी साथियों ने अधिक से अधिक संख्या में राजधानी समर्थकों, युवाओं एवं आमजन को इन कार्यक्रमों में शामिल कराने का संकल्प लिया।
आंदोलन से जुड़े खर्चों को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। तय किया गया कि समिति के सभी कोर सदस्य पदयात्रा व आंदोलन के लिए न्यूनतम ₹2,001 का आर्थिक सहयोग देंगे। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि जो साथी किसी कारणवश यह राशि देने में सक्षम नहीं हैं, वे अपनी क्षमता के अनुसार कोई भी राशि सहयोग स्वरूप दे सकते हैं और हर सहयोग समिति के लिए समान रूप से सम्माननीय रहेगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह जनआंदोलन किसी बड़े आर्थिक सहयोग पर नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी, समर्पण और संकल्प के बलबूते आगे बढ़ रहा है, इसलिए सभी को तन-मन-धन से योगदान देकर उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैण के स्वप्न को साकार करना होगा।

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