

देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने वाले भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस मामले को सार्वजनिक करने के बाद से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं जाने दिया गया।
संदीप खत्री के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उनके घर और कार्यालय के आसपास पुलिस की मौजूदगी लगातार बढ़ी है। उन्होंने बताया कि सोमवार को करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर रहे, जबकि मंगलवार को उनके कार्यालय के बाहर भी कई घंटे तक पुलिस तैनात रही। उन्होंने इस स्थिति को नजरबंदी जैसा बताते हुए कहा कि उन पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
खत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य बदरीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कथित मामलों को सरकार के संज्ञान में लाना और निष्पक्ष जांच की मांग करना है। इसी सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक जाने की अनुमति नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि बाद में प्रशासन की ओर से तहसीलदार उनके कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन प्राप्त किया गया, लेकिन उनका कहना है कि वह सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देना चाहते थे।
भैरव सेना प्रमुख ने कहा कि यह मुद्दा श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में बदरीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। ऐसे में संदीप खत्री के इन आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल मामले में प्रशासनिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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