

देहरादून/चमोली। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पहले से जांच का सामना कर रहे बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब उन पर श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध रूप से धन वसूलने का भी आरोप लगा है। इस मामले में मंदिर समिति ने उनके खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, आरोप है कि प्रमोद नौटियाल श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन की व्यवस्था कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1,100 रुपये वसूलता था। इस संबंध में मंदिर के पुजारियों ने भी पहले कई अवसरों पर आपत्ति दर्ज कराई थी और मामले की शिकायत समिति तक पहुंचाई थी।
इससे पहले, चढ़ावा चोरी प्रकरण में शिकायतें मिलने के बाद बीकेटीसी ने 3 जुलाई 2026 को प्रमोद नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसने प्रारंभिक जांच में उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें वर्तमान पद पर बनाए रखना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर 7 जुलाई 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी के ज्योतिर्मठ (चमोली) स्थित कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मंदिर समिति का कहना है कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा अनियमितता के प्रत्येक मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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