बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी! पुलिस ने खोला पूरा चिट्ठा, CDR-बैंक खाते- CCTV सब खंगाले

चमोली।  बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बदरीनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद चमोली पुलिस अब आरोपी कर्मचारी का पूरा चिट्ठा खंगालने में जुट गई है। मामले की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है।पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट के पर्यवेक्षण में गठित टीम में बदरीनाथ थानाध्यक्ष निरीक्षक महादेव उनियाल को विवेचना अधिकारी बनाया गया है। टीम में एसएसआई प्रकाश बिष्ट, लंगासू चौकी प्रभारी एसआई दिनेश पंवार तथा एसओजी के दो कर्मियों को भी शामिल किया गया है। जांच टीम बदरीनाथ में मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाने में लगी है। आरोपी कर्मचारी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), ईमेल और बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है।

इसके साथ ही मंदिर परिसर और संबंधित स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है। ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सके। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीम को हर पहलू से जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाएगी कि चढ़ावे में हेराफेरी कैसे और किन परिस्थितियों में की गई। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बदरीनाथ मंदिर में दान चढ़ावे के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी विवेचना ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से कुछ सवालों के जवाब मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने करीब आठ से दस सवाल समिति को भेजे हैं जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों को शामिल किया गया है। साथ ही शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करने वाले बीकेटीसी कर्मचारी युद्धवीर पुष्पवान को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा और दान पात्र से धनराशि की कथित चोरी के मामले में बदरीश संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की। समिति ने मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। समिति ने आरोप लगाया कि इस यात्रा सीजन में बीकेटीसी व अन्य एजेंसियों के कुछ कर्मचारियों की ओर से श्रद्धालुओं से दर्शन के नाम पर शुल्क वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं जिससे धाम की छवि प्रभावित हुई है।

ज्ञापन भेजने वालों में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश मेहता, अध्यक्ष पीतांबर मोल्फा, संरक्षक बलदेव मेहता, प्रवीन ध्यानी, विनोद ध्यानी, मोहन सिंह रावत, विनोद डिमरी आदि शामिल रहे।

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