

देहरादून। वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में आज राज्य वन मुख्यालय देहरादून में वन विभाग के विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण, जड़ी-बूटी रोपण, वनाग्नि प्रबंधन, हक-हकूक वितरण, महिला नर्सरियों के सुदृढ़ीकरण, निजी भूमि पर वृक्ष पातन, लीसा उत्पादन, वन पंचायतों के सशक्तिकरण और मानव-वन्यजीव संघर्ष सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका और जनोपयोगी योजनाओं के संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रमुख वन संरक्षक ने बैठक में बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 32,000 घनमीटर हक-हकूक प्रकाष्ठ का प्रभागवार आवंटन किया जा चुका है। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी कर दी गई है। इस पर वन मंत्री ने हक-हकूक आवंटन की नियमित समीक्षा करने और इसे ग्रीन क्रेडिट जैसी नवाचार आधारित पहलों से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में वन पंचायतों के माध्यम से संचालित जड़ी-बूटी योजना में जरूरी संशोधन, वन पंचायत प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना और केंद्र एवं नाबार्ड के सहयोग से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। निजी भूमि पर वृक्ष पातन से जुड़े नियमों को सरल बनाने और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा में कैम्पा परियोजनाओं, वनाग्नि नियंत्रण, हाई-एल्टीट्यूड ट्रैक विकास और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से बन रही कार्ययोजना पर भी बात हुई। वन मंत्री ने इस संबंध में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
वन मंत्री ने बताया कि आगामी हरेला पर्व पर प्रदेशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गढ़वाल जोन में 3,116 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 21 लाख और कुमाऊं क्षेत्र में 4,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में 38 लाख से ज्यादा पौधे रोपे जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनसहभागिता के साथ इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में वन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी प्रभागीय वनाधिकारियों ने भाग लिया।

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