

देहरादून। प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल का एक हिस्सा ध्वस्त होने के बाद सोमवार सुबह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुल निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
धरने में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना के साथ सुमित खन्ना, संग्राम सिंह पुंडीर, जितेंद्र तनेजा, खुशबू गुरुंग, सुशीला शर्मा, सोनू भाई, लक्की राणा, आकाश बिरला, विरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर है। उनका कहना था कि हाल ही में मरम्मत के बाद पुल का हिस्सा ध्वस्त होना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “ईंट, पत्थर, गारा, बजरी, सीमेंट और सरिया तक हजम कर लिया गया। हालत यह है कि राम मंदिर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे तक को नहीं छोड़ा गया।” नेताओं ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की वजह से जनता की जान जोखिम में पड़ रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर राज्यभर में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों, राज्य मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों की तत्काल मरम्मत कराने, प्रेमनगर पुल प्रकरण की न्यायिक अथवा उच्च स्तरीय जांच कराने तथा निर्माण एजेंसी, संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

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