बीआरपी/सीआरपी कार्मिकों को पे-स्लिप देने के निर्देश, जन संघर्ष मोर्चा की जीत

सरकारी नाक के नीचे हो रहा था बड़ा घोटाला! मंत्री को भी नहीं थी खबर, जन संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के बाद आउटसोर्सिंग एजेंसी को वित्त नियंत्रक का कड़ा निर्देशवित्त नियंत्रक ने आउटसोर्सिंग एजेंसी अलंकित लिमिटेड को जारी किया आदेश, रघुनाथ सिंह नेगी ने मंत्री धन सिंह रावत पर लगाए गंभीर आरोप

वित्त नियंत्रक ने आउटसोर्सिंग एजेंसी अलंकित लिमिटेड को जारी किया आदेश, रघुनाथ सिंह नेगी ने मंत्री धन सिंह रावत पर लगाए गंभीर आरोप

विकासनगर। समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत बीआरपी (ब्लॉक संसाधन व्यक्ति) एवं सीआरपी (क्लस्टर संसाधन व्यक्ति) कार्मिकों को वेतन पर्ची न देकर लूटने वाली निजी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ जन संघर्ष मोर्चा को बड़ी सफलता मिली है। मोर्चा के जबरदस्त आंदोलन के बाद वित्त नियंत्रक, समग्र शिक्षा, उत्तराखंड ने एजेंसी को सख्त निर्देश जारी कर अब हर हाल में कार्मिकों को निरंतर वेतन पर्ची (पे-स्लिप) उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने बुधवार को विकासनगर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्य कर रहे बीआरपी-सीआरपी कार्मिकों को प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से लूटा जा रहा था, जिसके खिलाफ मोर्चा ने लंबे समय से आंदोलन किया। इसी दबाव के चलते वित्त नियंत्रक, समग्र शिक्षा, उत्तराखंड द्वारा 22 जुलाई 2026 को आउटसोर्सिंग एजेंसी (अलंकित लिमिटेड) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए कि वह सभी कार्मिकों को बिना किसी रुकावट के नियमित रूप से वेतन पर्ची निर्गत करे। नेगी ने इसे मोर्चा की ऐतिहासिक जीत करार दिया।

वहीं, नेगी ने इस मामले में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना साधते हुए उन्हें पूरी तरह से बेखबर बताया। उन्होंने आरोप लगाया, “मंत्री जी को यह तक मालूम नहीं था कि उनकी नाक के नीचे प्रदेश भर में करीब 600 से 700 कार्मिकों को कितना वेतन निर्धारित किया गया है, उसके सापेक्ष उन्हें वास्तव में कितना वेतन दिया जा रहा है, और किस मद में कितनी-कितनी कटौती की जा रही है।” नेगी ने कहा कि एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ (EPF) और कमीशन के नाम पर भारी कटौती तो की जा रही थी, लेकिन कार्मिकों को इस बात की पारदर्शिता नहीं दी जा रही थी कि उनका ईपीएफ वास्तव में जमा हो रहा है या नहीं।

मोर्चा अध्यक्ष ने सभी प्रभावित कार्मिकों से आग्रह किया कि यदि इस आदेश के बाद भी किसी को वेतन पर्ची नहीं दी जा रही है, तो वह मोर्चा को अवगत कराएं, ताकि संबंधित एजेंसी के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर मोर्चा के महासचिव आकाश पंवार एवं विजय राम शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी एजेंसी की मनमानी की निंदा करते हुए कहा कि जब तक सभी कार्मिकों को नियमित पे-स्लिप और सही वेतन नहीं मिल जाता, मोर्चा का आंदोलन जारी रहेगा।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments