यूकॉस्ट की पहल: ‘विज्ञान वाणी 88.8 MHz’ बना उत्तराखंड में विज्ञान और नवाचार का सशक्त माध्यम

देहरादून। आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र—स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन से लेकर दैनिक गतिविधियों तक—विज्ञान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) ने “विज्ञान सेतु” नामक एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य का पहला सामुदायिक विज्ञान रेडियो स्टेशन “विज्ञान वाणी” (88.8 मेगाहर्ट्ज़) स्थापित किया गया है, जो विज्ञान संचार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच रहा है।

13 जुलाई को हुआ था विधिवत उद्घाटन

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा की गरिमामयी उपस्थिति में विज्ञान वाणी रेडियो स्टेशन और इसके मोबाइल एप्लिकेशन का विधिवत उद्घाटन किया गया था। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा यूकॉस्ट को 88.8 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति आवंटित की गई है। मोबाइल ऐप के माध्यम से अब इस रेडियो स्टेशन की पहुँच देश-विदेश तक हो गई है, जिससे स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर यह वैश्विक स्तर पर सुना जा रहा है।

पर्वतीय व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान

डिजिटल दौर में भी रेडियो अपनी सरलता और विश्वसनीयता के कारण अत्यंत प्रभावी माध्यम है। विशेष रूप से उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में, जहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी की सीमाएँ हैं, वहाँ यह रेडियो स्टेशन साक्षर और निरक्षर दोनों वर्गों तक स्थानीय भाषा और संदर्भों के साथ पहुँच बना रहा है। प्रो. पंत ने कहा कि डिजिटल युग में भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों के बीच समाज में प्रमाण-आधारित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना ही इस पहल का मुख्य ध्येय है।

युवाओं और आम जन के लिए विशेष कार्यक्रम

विज्ञान वाणी के प्रभारी अमित पोखरियाल ने जानकारी दी कि श्रोताओं को जोड़े रखने के लिए कई रोचक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं। इनमें ‘ऐसा क्यों होता है?’, ‘वैज्ञानिक से परिचय’, ‘भारतीय ज्ञान धारा’, ‘प्रकृति संवाद’, ‘विज्ञान काव्य’, ‘विशेषज्ञ से बातचीत’, ‘आइए, स्वयं करें प्रयोग’, ‘विज्ञान समाचार’ और ‘प्रेरणादायी महिला वैज्ञानिक’ जैसे शो विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहे हैं।

‘विज्ञान धारा’ और ‘विज्ञान दृश्यम्’ से मिल रहा नया आयाम

विज्ञान सेतु पहल के तहत यूकॉस्ट ने दो और आधुनिक मंच विकसित किए हैं:

  • विज्ञान धारा स्टूडियो: यहाँ विशेषज्ञों के व्याख्यान, वेबिनार, कार्यशालाएँ और हैंड्स-ऑन स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं का व्यावहारिक कौशल विकसित हो सके।
  • विज्ञान दृश्यम् पॉडकास्ट स्टूडियो: युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए पॉडकास्ट के जरिए पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, स्टार्टअप, अंतरिक्ष विज्ञान और उत्तराखंड की वैज्ञानिक उपलब्धियों पर संवादात्मक सत्र प्रसारित किए जा रहे हैं।

गूगल प्लेस्टोर और व्हाट्सएप के जरिए आसानी से जुड़ें श्रोता

विज्ञान वाणी 88.8 MHz को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी पूरी तरह जोड़ा गया है। श्रोता गूगल प्ले स्टोर से ‘विज्ञान वाणी 88.8 MHz’ का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी, प्रतिक्रिया या सुझावों के लिए व्हाट्सएप नंबर 8679926955 पर संपर्क किया जा सकता है तथा पत्राचार के लिए ईमेल आईडी Vigyaanradio@gmail.com पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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