प्रजनन स्वास्थ्य और बाल अधिकारों पर डॉ. गीता खन्ना ने दिल्ली में रखे विचार

नई दिल्ली । उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रजनन स्वास्थ्य, बाल अधिकार, बाल सुरक्षा एवं ‘एज ऑफ कंसेंट’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।

डॉ. गीता खन्ना ने ‘समृद्ध मातृत्व अभियान’ में सहभागिता की। अभियान का उद्देश्य आईवीएफ, बांझपन, प्रजनन संबंधी समस्याओं, समय पर प्रजनन देखभाल तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में श्रीमती मलिका नड्डा एवं श्री अन्ना साहेब जोल्जे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अभियान की शुरुआत पूज्य श्री कासिदेश्वर स्वामी जी, कोल्हापुर जिले के मठ एवं डॉ. वर्षा पाटिल द्वारा की गई।

इसी क्रम में डॉ. खन्ना ने ‘Beyond the Debate: Age of Consent and Road Ahead’ रिसर्च रिपोर्ट के विमोचन एवं परिचर्चा में भी भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन, शांति सुरक्षा और सद्भाव ट्रस्ट, मेधा फाउंडेशन ट्रस्ट तथा Network for Access to Justice and Multidisciplinary Outreach Foundation के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में NCPCR की पूर्व अध्यक्ष एवं NHRC सदस्य श्रीमती प्रियांक कानूनगो मुख्य अतिथि रहे ।

परिचर्चा में ‘एज ऑफ कंसेंट’ की आयु कम किए जाने के संभावित प्रभावों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने बाल विवाह, किशोरावस्था में गर्भधारण तथा बच्चों के शोषण के बढ़ते जोखिम को लेकर चिंता व्यक्त की।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments