

हल्द्वानी। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान से अपने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज कर दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को भारी भीड़ के बीच करीब 45 मिनट तक संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर रोजगार, भर्ती, पेपर लीक, अग्निवीर, भ्रष्टाचार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब उत्तराखंड से भाजपा को विदा करने का समय आ गया है।
खरगे के संबोधन में युवाओं से जुड़े सवाल सबसे प्रमुख रहे। उन्होंने देश में करीब 30 लाख सरकारी पद खाली होने का दावा करते हुए कहा कि यदि युवाओं को रोजगार के अवसर ही नहीं मिलेंगे तो विकसित भारत का लक्ष्य कैसे हासिल होगा। उन्होंने उत्तराखंड में रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती करने और युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार देने का भरोसा जताया।
पेपर लीक और नीट परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संसद में इस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी। खरगे ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के बजाय पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पूर्व सैनिकों और युवाओं को साधने के लिए खरगे ने अग्निवीर योजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आती है तो अग्निवीर व्यवस्था समाप्त कर नियमित सैन्य भर्ती की व्यवस्था बहाल की जाएगी। कर्मचारियों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा भी दोहराया।
भाजपा के ‘डबल इंजन’ सरकार के नारे पर कटाक्ष करते हुए खरगे ने कहा कि यदि सरकार का इंजन ही ठीक से काम नहीं कर रहा हो तो विकास की रफ्तार कैसे बढ़ेगी। उन्होंने ई-20 पेट्रोल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इसका असर आम लोगों की बाइक, स्कूटर और कार तक पड़ रहा है। सरकारी विज्ञापनों में जनता के टैक्स के धन के इस्तेमाल को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिन नेताओं पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, बाद में उन्हीं में से कई नेताओं को पार्टी में शामिल कर लिया जाता है। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेता साफ-सुथरे नजर आने लगते हैं।

खरगे ने केदारनाथ, बदरीनाथ और राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर धर्म और आस्था को राजनीति से जोड़ने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा का सवाल उठाते हुए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही।
हल्द्वानी की सभा में कुमाऊं की 29 विधानसभा सीटों का राजनीतिक गणित भी चर्चा के केंद्र में रहा। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुमाऊं क्षेत्र की 29 सीटों में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब पार्टी इस आंकड़े को बदलने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती दिखाई दी। अल्मोड़ा में राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी में खरगे की सभा को कांग्रेस के चुनावी अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सभा के जरिए कांग्रेस ने युवाओं, कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं और आम उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को एक साथ उठाने की कोशिश की। पार्टी ने अपने राजनीतिक एजेंडे में रोजगार, किसानों के हित, महिलाओं की सुरक्षा तथा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को प्रमुखता देने का संकेत दिया।खरगे ने अपने संबोधन में उत्तराखंड से अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने वर्ष 1973 में पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दौरे को याद करते हुए कहा कि उन्हें तभी से उत्तराखंड पसंद है। उन्होंने प्रदेश के लोगों की सभ्यता और देश के प्रति योगदान की सराहना की। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए उन्होंने सेना में प्रदेश की दो रेजिमेंट का भी उल्लेख किया।
खरगे ने अपने संबोधन में उत्तराखंड से अपने पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने वर्ष 1973 में पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दौरे को याद करते हुए कहा कि उन्हें तभी से उत्तराखंड पसंद है। उन्होंने प्रदेश के लोगों की सभ्यता और देश के प्रति योगदान की सराहना की। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए उन्होंने सेना में प्रदेश की दो रेजिमेंट का भी उल्लेख किया।
अपनी उम्र का जिक्र करते हुए खरगे ने खुद को युवाओं की तुलना में थोड़ा धीमा बताते हुए कहा कि वह उनके साथ दौड़ तो नहीं सकते, लेकिन उनका हाथ पकड़कर आगे जरूर बढ़ेंगे। उनके इस अंदाज को युवाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया।
भाषण के अंतिम दौर में खरगे ने शायरी के माध्यम से भी जनता से बदलाव की अपील की। उन्होंने कहा, “अब तो इस तालाब का पानी बदल दो, कमल के फूल मुरझाने लगे हैं।” इसके बाद उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता से मिलकर प्रदेश में राजनीतिक बदलाव के लिए काम करने का आह्वान किया।
हल्द्वानी की सभा में कांग्रेस ने जहां अपनी चुनावी ताकत और संगठनात्मक एकजुटता दिखाने का प्रयास किया, वहीं खरगे के भाषण ने पार्टी के आगामी अभियान के प्रमुख मुद्दों की तस्वीर भी सामने रख दी। ‘कांग्रेस लाओ’ के आह्वान के साथ सभा को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी के पहले बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

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