

चमोली/देहरादून । चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में गुरुवार शाम टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भरने से अफरा-तफरी मच गई। टनल में काम कर रहे 18 से 19 लोगों के फंसने की प्रारंभिक सूचना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। राहत की बात यह है कि अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष लोगों की तलाश और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए अभियान लगातार जारी है।
घटना गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिकों के फंसने की सूचना मिली। निर्माण कार्य एचसीसी कंपनी द्वारा कराया जा रहा था।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तत्काल सक्रिय हो गए। मौके पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीआईआरएफ, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुट गईं। टनल के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू टीमों और अधिकारियों से लगातार जानकारी लेते हुए अभियान को पूरी तत्परता, आपसी समन्वय और आवश्यक संसाधनों के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू टीमों और अधिकारियों से लगातार जानकारी लेते हुए अभियान को पूरी तत्परता, आपसी समन्वय और आवश्यक संसाधनों के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से टनल में फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाने और उन्हें बाहर निकालने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। घटनास्थल पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं।घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं, जबकि सेना और आईटीबीपी सहित अन्य एजेंसियां भी रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और पूरे घटनाक्रम की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए और प्रभावित लोगों तथा उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी लोगों के सकुशल होने की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आवश्यकता के अनुसार बचाव अभियान में हर संभव संसाधन लगाया जा रहा है।फिलहाल टनल में फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता टनल के भीतर पहुंचकर सभी लोगों की सुरक्षित स्थिति का पता लगाने और उन्हें शीघ्र बाहर निकालने की है। मौके पर मौजूद विभिन्न सुरक्षा एवं आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
फिलहाल टनल में फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता टनल के भीतर पहुंचकर सभी लोगों की सुरक्षित स्थिति का पता लगाने और उन्हें शीघ्र बाहर निकालने की है। मौके पर मौजूद विभिन्न सुरक्षा एवं आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
स्थिति पर जिला प्रशासन और शासन स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है।

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