गढ़वाल विश्वविद्यालय में गूंजा वंदे मातरम्, कुलपति ने दिया नशामुक्त समाज का संदेश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर गढ़वाल में देशभक्ति का माहौल, छात्रों से स्क्रीन टाइम घटाने की अपील

श्रीनगर गढ़वाल । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी और हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। कुलपति ने शिक्षकों-कर्मचारियों का अभिवादन किया, एनसीसी-एनएसएस टीम से मुलाकात की और ध्वजारोहण किया।

कुलपति ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हर नागरिक की अहम भूमिका है और तिरंगा राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संदेश देता है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक बताया। समारोह में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। उन्होंने बताया कि 9 से 17 अगस्त तक विश्वविद्यालय में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत कई कार्यक्रम हो रहे हैं और सभी से घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की।

कुलपति ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की जिम्मेदारी और भी बड़ी है — यहां के युवाओं का जोश सेना के लिए अहम है, वहीं जल-जंगल-जमीन का संरक्षण भी राष्ट्रहित में जरूरी है। उन्होंने गढ़वाल की संस्कृति और भाषा से जुड़े रहने की अपील की।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्क्रीन टाइम कम करने, परिवार से जुड़े रहने और माता-पिता से संवाद बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने नशे को देश के सामने एक गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से गांधी जी के आदर्शों पर चलकर नशामुक्त समाज बनाने में योगदान देने को कहा।

कुलपति ने विश्वविद्यालय में पिछले 14 महीनों में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए शिक्षकों से आह्वान किया कि वे केवल कक्षाएं लेने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों की मेंटोरिंग और समस्याओं के समाधान में भी सहयोग करें। उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों के लिए हर पाठ्यक्रम में दो सीट और सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक सीट का प्रावधान किया गया है, जो ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ’ की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयास को दर्शाता है।

इस मौके पर उन्होंने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, श्रीदेव सुमन की 84 दिन की भूख हड़ताल और हेमवती नंदन बहुगुणा के योगदान को भी याद किया।

कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसाईं, कुलसचिव प्रो. वाई.पी. रैवानी, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार, प्रो. मोहन पंवार, प्रो. एच.बी.सी. चौहान, प्रो. आर.एस. नेगी, प्रो. महावीर सिंह सहित शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी, एनएसएस और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments