

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पुराने वाहनों के मालिकों के लिए E10 पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को ईंधन नीति बनाते समय आम लोगों की व्यावहारिक दिक्कतों और उनके हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
यशपाल आर्य ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में पुराने वाहन अब भी सड़कों पर चल रहे हैं। सरकार की ओर से संसद में यह जानकारी दी जा चुकी है कि 1 अप्रैल 2023 से पहले बाजार में आए वाहन E10 मानकों के अनुरूप थे। ऐसे में पुराने वाहनों के लिए बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वाहन मालिक लंबे समय से E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर माइलेज, इंजन की अनुकूलता और संभावित अतिरिक्त खर्च जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेने के बजाय लगातार नजरअंदाज किया।
आर्य ने कहा कि अब सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन की ओर से भी पुराने वाहनों के लिए E10 पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किया गया है। उनके मुताबिक इससे यह स्पष्ट होता है कि पुराने वाहनों से जुड़े उपभोक्ताओं की चिंताओं को केवल खारिज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि पुराने वाहन E10 मानकों के अनुरूप हैं तो उनके मालिकों को E10 चुनने का विकल्प क्यों नहीं दिया जा रहा है। आर्य ने कहा कि ईंधन से जुड़ी नीतियां जनता की सुविधा, वाहन सुरक्षा और आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, न कि आम लोगों को अतिरिक्त परेशानी में डालकर।
उन्होंने केंद्र सरकार से पुराने वाहनों के मालिकों के हित में स्पष्ट नीति बनाने और E10 पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर स्थिति साफ करने की मांग की।

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