हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने  निकाली आक्रोश रैली  

– प्रदेश प्रवक्ता सूरत सिंह नेगी पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़न किए जाने का  लगाया आरोप

देहरादून । देहरादून में 27 अगस्त को कांग्रेस ने चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में परेड ग्राउंड से एसएसपी कार्यालय तक आक्रोश रैली निकाली। इस रैली में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया और कांग्रेसियों ने प्रदेश प्रवक्ता सूरत सिंह नेगी पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एसएसपी कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया, लेकिन हरक सिंह समेत कुछ नेता नारेबाजी करते हुए भीतर पहुंच गए। वहीं, बाहर रोके गए कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव में निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

हरक सिंह रावत ने कहा कि खनन, भूमि और जनसमस्याओं पर आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को पुलिस कार्रवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मालदेवता चौकी प्रभारी पर आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक के दबाव में कांग्रेस नेता के खिलाफ पुराने मामलों को आधार बनाकर कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और हाईकोर्ट से राहत भी मिली हुई है, फिर भी पुलिस दबाव में काम कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब कार्यकर्ताओं ने विधायक की पत्नी के नाम पर खनन पट्टे और क्रशर से जुड़े आरोप सार्वजनिक किए, तो पुलिस कार्रवाई का दबाव और बढ़ गया। प्रेमनगर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भूमि माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति और पत्रकार को थाने में बैठाया गया और विरोध के बाद ही छोड़ा गया।कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क, खनन, भूमि या भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सवाल करता है तो क्या उसके परिवार और करीबियों को भी परेशान किया जाएगा।

हरक सिंह ने कहा कि पुलिस का काम कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करना है, न कि राजनीतिक दबाव में। अपराध का कोई राजनीतिक दल, जाति या धर्म नहीं होता, इसलिए निर्दोष लोगों को परेशान करना अनुचित है।उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुरूप निष्पक्षता से काम करने की शपथ दिलाई जाती है। सत्ता के दबाव में कार्रवाई करने के बजाय न्याय और कानून के आधार पर निर्णय होना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी केवल अपने कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश में जहां भी अन्याय होगा, वहां आवाज उठाएगी। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी न्याय की मांग को लेकर संघर्षरत है और आगे भी बेटियों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।

अंत में कांग्रेस ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राजनीतिक दबाव में की जा रही कथित पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है और शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों को डराने या दबाने का प्रयास।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments