

नगर निगम टाउन हॉल में सीपीआई(एम) के कार्यकर्ताओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
देहरादून। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के दिवंगत महासचिव सीताराम येचुरी की द्वितीय पुण्यतिथि पर शुक्रवार को नगर निगम टाउन हॉल में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह नेगी ने की जबकि संचालन राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित ने किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों के साथ ही सीपीआई, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
पूर्व राज्यसभा सांसद व सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए सीताराम येचुरी के जीवन, संघर्ष और देश के लोकतांत्रिक व सामाजिक आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि येचुरी ने आजीवन किसान-मजदूरों, वंचित वर्गों, दलितों, आदिवासियों और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और संसद से सड़क तक जनता की आवाज उठाई। करात ने कहा कि येचुरी का जीवन सादगी, त्याग और वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक था और उन्होंने कभी पद-सत्ता को लक्ष्य नहीं बनाया।
अपने संबोधन में करात ने वर्तमान राजनीतिक हालात पर भी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि देश में बढ़ती सांप्रदायिक व विभाजनकारी राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है और संघ परिवार पर हिंदुत्व के नाम पर एजेंडा थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल ही में जारी “मूड ऑफ द नेशन” सर्वेक्षण का हवाला देते हुए मोदी सरकार की लोकप्रियता में गिरावट के संकेत मिलने की बात कही।
करात ने उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि पात्र नागरिकों के नाम सूची से हटना गंभीर विषय है, जिसके खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। उन्होंने लोकतांत्रिक व धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए जनवादी ताकतों की एकजुटता पर जोर दिया।
सभा को सीपीआई के समर भंडारी, सपा के राष्ट्रीय महामंत्री एस एन सचान, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र अग्गरवाल तथा अपर निदेशक शिक्षा उत्तराखंड शिवप्रसाद सेमवाल ने भी संबोधित किया। मंच पर राज्य सचिवमंडल के सदस्य लेखराज, इंदु नौडियाल, भूपाल सिंह रावत, महेंद्र जखमोला, शिवप्रसाद देवली, नितिन मलेठा, माला गुरूंग, अनंत आकाश, सुरेंद्र सिंह सजवाण व दलजीत सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।

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