

देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन को लेकर चल रहे आयोजनों के बीच कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि 18 सितंबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस बेटी को याद करने का दिन है, जिसकी हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उत्सवों के बीच सरकार को अंकिता भंडारी और उसके परिवार के न्याय के इंतजार को नहीं भूलना चाहिए।
दसौनी ने कहा कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री का जन्मदिन और 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के लिए कार्यक्रम हो रहे हैं, लेकिन 18 सितंबर को अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि है। उन्होंने सवाल किया कि जिस बेटी के लिए पूरा उत्तराखंड सड़कों पर उतर आया था, उसकी पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं के पास श्रद्धांजलि देने और उसके परिवार के साथ खड़े होने के लिए क्या दो आंसू भी नहीं हैं। उनका कहना था कि अंकिता केवल पौड़ी गढ़वाल की बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी थी और पहाड़ की उन तमाम बेटियों की उम्मीदों और सपनों का प्रतीक थी, जो अपने परिवार का भविष्य बेहतर बनाने के लिए घर से बाहर निकलती हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट, तत्कालीन पुलिस जांच, राजनीतिक रसूख, कथित वीआईपी कनेक्शन, रिजॉर्ट में हुई तोड़फोड़ और साक्ष्यों से जुड़े कई सवाल उठे थे। उनका कहना है कि वर्षों बाद भी कई प्रश्न प्रदेश की जनता और अंकिता के माता-पिता के सामने हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अंकिता के परिवार को पूरा न्याय मिल चुका है और क्या कथित वीआईपी एंगल समेत सभी सवालों का जवाब सामने आ गया है।
दसौनी ने कहा कि जनवरी 2026 में सरकार की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश और फरवरी 2026 में सीबीआई द्वारा मामले को अपने हाथ में लेने के बाद लोगों को उम्मीद बंधी थी कि अब मामले की उन परतों की भी पड़ताल होगी, जिनको लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच की प्रगति की जानकारी सार्वजनिक की जाए और अंकिता के परिवार को जांच की स्थिति से अवगत कराया जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिला सुरक्षा, बेटी बचाओ और नारी सम्मान की बात करती है, ऐसे में अंकिता के मामले में उठे सवालों का जवाब मिलना भी जरूरी है। जन्मदिन मनाने पर कांग्रेस को आपत्ति नहीं है, लेकिन उत्सवों के बीच उत्तराखंड की बेटी को भुलाया नहीं जा सकता। दसौनी ने कहा कि अंकिता कांग्रेस के लिए कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी है। “जन्मदिन हर साल आते-जाते रहेंगे, लेकिन अंकिता की मां की आंखों का इंतजार और प्रदेश के सवाल तब तक जिंदा रहेंगे, जब तक पूरा सच सामने नहीं आता।”

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