अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, तीन स्थानों पर सीलिंग, दो जगह ध्वस्तीकरण

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में डोईवाला क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि ऋषिकेश के विस्थापित क्षेत्र में तीन अवैध निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

एमडीडीए के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पहली कार्रवाई तहसील डोईवाला के शेरगढ़ माजरीग्रांट क्षेत्र में की गई। यहां अवतार सिंह एवं प्रमोद पाल द्वारा करीब 10 से 15 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।

इसी तरह दूसरी बड़ी कार्रवाई फतेहपुर माजरीग्रांट, डोईवाला क्षेत्र में की गई। यहां मुकेश सकलानी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को प्राधिकरण ने कार्रवाई के दायरे में लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।

इसके अलावा ऋषिकेश के आमबाग गली नंबर-02, विस्थापित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। यहां अमित भाटिया द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को एमडीडीए की टीम ने सील कर दिया। इसी क्षेत्र में राणा जी द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं पंकज सेठ द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी प्राधिकरण ने सील कर दिया।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से लोगों को गुमराह करने और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूखंड खरीदने से पहले भूमि के भू-उपयोग और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी प्रभावी रूप से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण या भूखंड खरीदने से पहले भूमि एवं निर्माण की वैधता की जांच जरूर कर लें। प्राधिकरण का उद्देश्य विकास कार्यों को नियमों के अनुरूप संचालित करना और क्षेत्र में व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।

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