

चौथी बरसी पर श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोग जुटे, मानव श्रृंखला बनाकर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की उठी मांग
देहरादून । अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर शुक्रवार को देहरादून के गांधी पार्क में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सुबह 11 बजे आयोजित सभा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभा के दौरान अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देने के साथ ही मामले से जुड़े कई सवालों को फिर से उठाया गया और निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तथा न्याय की मांग दोहराई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत कमला पंत ने की। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड के अब तक के घटनाक्रम और न्याय के लिए चल रहे संघर्ष की संक्षिप्त जानकारी उपस्थित लोगों के सामने रखी। इसके बाद सभा में वक्ताओं ने कहा कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिन्हें लेकर जनता लगातार जवाब चाहती रही है।
सभा में आयोजकों की ओर से कुछ प्रमुख सवाल उठाए गए। इनमें कथित VIP आरोपों से जुड़े व्यक्तियों दुष्यंत कुमार और अजय कुमार के नाम सामने आने के बावजूद उनकी जांच को लेकर सवाल शामिल था। इसके अलावा वनंतरा रिसोर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने के आदेश से संबंधित तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका तथा स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट और आरती गौड़ की भूमिका की जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए।
आयोजकों ने यह भी सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच को लेकर लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद जांच की स्थिति को लेकर जनता के सामने स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं है। इसके साथ ही अंकिता के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को CBI जांच के लिए FIR का आधार न बनाए जाने और अनिल जोशी की ओर से दर्ज FIR को आधार बनाए जाने को लेकर भी सवाल सभा में उठाया गया। इन सवालों को आयोजकों ने जनता के बीच जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि मामले से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सभा के दौरान सुजाता पॉल ने ‘अंकिता न्याय संकल्प’ पढ़ा। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने से जुड़े प्रश्नों को लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे तथा निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग को तब तक जीवित रखेंगे, जब तक उनके अनुसार पूरा न्याय नहीं हो जाता।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से कहा—
“अंकिता को न्याय मिले।
सत्य सामने आए।
दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिले।”
इसके बाद विमला कोहली ने उपस्थित लोगों को दो मिनट का मौन कराया। मौन के बाद अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का संचालन निर्मला बिष्ट ने किया।
श्रद्धांजलि सभा के बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक और फिर वापस गांधी पार्क तक मानव श्रृंखला बनाई गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मानव श्रृंखला के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को आगे बढ़ाने तथा संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

आयोजकों ने कहा कि अंकिता की चौथी बरसी केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं है, बल्कि उन सवालों को सामने रखने का दिन भी है, जिनके जवाब समाज लंबे समय से मांग रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला संगठनों, राजनीतिक दलों, पूर्व सैनिकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भागीदारी की। इस अवसर पर उर्मिला सनावर, इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा, लेखिका गीता सहगल, कोटद्वार से अधिवक्ता अवनीश नेगी, परमजीत सिंह, पूर्व सैनिक ब्रिगेडियर डंगवाल, प्रकाश थपलियाल, मोहित डिमरी, त्रिलोचन भट्ट, गढ़वाल सभा के वीरेंद्र असवाल, नत्था सिंह पंवार, उदय शंकर भट्ट, युद्धवीर, सरस्वती विहार से पंचम सिंह बिष्ट, सुरेश, डॉ. उमा भट्ट, ईश्वर सिंह, शंकर मौजूद रहे। उत्तराखंड महिला मंच की ओर से पद्मा गुप्ता, शकुंतला, मुंडेपी, किरण पुरोहित, यशोदा नेगी, मातेश्वरी, मंजू बलोदी, हेमलता नेगी, प्रीति थपलियाल, चंद्रा सहित अन्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में मनीष, रज़िया बेग, सीमा नेगी, यशवीर आर्य, जगदीश कुकरेती, एडवोकेट अल्लाउद्दीन सिद्दीकी, लताफत ने भी भाग लिया। कांग्रेस से एडवोकेट पंकज क्षेत्री, सुनीता प्रकाश, पिया थापा, विजय शाही, प्रदीप डोभाल, अनिल बसनेत, कामिनी शर्मा, अमरजीत कौर और आकांक्षा नेगी मौजूद रहे।
रामनगर से प्रभा ध्यानी, अनूप नौटियाल, वी.के. डोभाल, निलेश राठी, बिपिन नेगी, सुराज दल के रमेश जोशी, जब्बर सिंह ब्रह्म, अव्वल सिंह नेगी, पूर्व IAS पांगती, भोपाल, नैनीडांडा ब्लॉक से नरेंद्र रावत, अजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके अलावा कोटद्वार से डॉ. सामंत, श्रीनगर और हरिद्वार से प्रतिनिधि, मसूरी से आर.पी. विशाल, जब्बर सिंह वर्मा तथा बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि अंकिता भंडारी के मामले में न्याय की मांग किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि जनता के बीच उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर समाधान होना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराते हुए कहा कि अंकिता के न्याय के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रखा जाएगा।

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