देहरादून। देहरादून स्थित Forest Research Institute में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस उत्साह और वैज्ञानिक चेतना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी में संस्थान के वैज्ञानिकों और विभिन्न विभागों ने अपने नवीनतम अनुसंधान, तकनीकी उपलब्धियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों को आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की प्रभारी निदेशक डॉ. रचना मिश्रा ने किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन करते हुए वैज्ञानिकों के कार्यों की सराहना की और शोध को समाज के हित में अधिक उपयोगी बनाने पर बल दिया।
प्रदर्शनी में कई ऐसे मॉडल और तकनीकें आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनका सीधा संबंध पर्यावरण संरक्षण और वानिकी विकास से है। विशेष रूप से ऐसी उन्नत लकड़ी की टाइल को प्रदर्शित किया गया, जो पानी से सुरक्षित होने के साथ-साथ मजबूत और आकर्षक बनावट वाली है। इसके अलावा पेड़ों को रोगों से बचाने, उनकी वृद्धि को बेहतर बनाने तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौध उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों की भी जानकारी दी गई।
वन संरक्षण विभाग द्वारा विकसित नई फफूंद प्रजातियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया, जिन्हें वानिकी अनुसंधान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही औद्योगिक प्रदूषण के आकलन और पर्यावरणीय निगरानी से संबंधित आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को भी विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से पुस्तिकाएं, ब्रोशर और जानकारीपरक सामग्री वितरित की गई, ताकि आम नागरिक संस्थान के शोध कार्यों और उपलब्धियों से परिचित हो सकें। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर संस्थान के संग्रहालयों को भी आम जनता के लिए निःशुल्क खोला गया।
पूरे आयोजन का उद्देश्य विज्ञान और तकनीक को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना तथा युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना रहा।

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