हरिद्वार में STF का बड़े ड्रग्स नेटवर्क पर प्रहार, 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद

‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत लंढौरा में छापेमारी, तस्करी गिरोह के नेटवर्क की जांच तेज

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) देहरादून टीम ने हरिद्वार जनपद के लंढौरा क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए हैं। बरामद नशीली दवाओं की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई से नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान को और मजबूती मिली है।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन के अनुरूप पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF उत्तराखण्ड द्वारा राज्यभर में नशा तस्करी में संलिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को दिए गए हैं।

इसी अभियान के तहत STF/ANTF की टीम ने हरिद्वार के लंढौरा क्षेत्र में छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए। बरामद दवाएं “Acetaminophen, Tramadol Hydrochloride & Dicyclomine Hydrochloride Capsules” श्रेणी की बताई गई हैं, जिन्हें प्रतिबंधित नशीली श्रेणी में रखा गया है। पुलिस ने बरामद माल को सील कर लिया है और मामले में एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

STF अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी। अब टीम इस खेप के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालने में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह प्रतिबंधित नशीली दवाएं कहां से लाई गईं और इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था। STF का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल पूरे गिरोह का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 18,000 ट्रामाडोल कैप्सूल के अलावा एक हीरो HF Deluxe मोटरसाइकिल संख्या UK08AF5637 भी बरामद की है। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि नशा तस्कर अब छोटे वाहनों और स्थानीय नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन STF की सक्रियता के चलते ऐसे नेटवर्क लगातार बेनकाब हो रहे हैं।

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली STF/ANTF टीम में निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उप निरीक्षक दीपक मेठाणी, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल प्रशांत चौहान और कांस्टेबल दीपक नेगी शामिल रहे। टीम की सतर्कता, त्वरित योजना और प्रभावी कार्रवाई की व्यापक सराहना की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF ने जनता से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराध का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशा तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या STF/ANTF उत्तराखण्ड से संपर्क करें। जनता की सहायता और सूचनाओं से ही इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

STF ने संपर्क के लिए अपने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं — 0135-2656202, 9412029536।
राज्य में नशे के खिलाफ STF की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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