कर्णप्रयाग में उमड़ा कर्मचारियों का जनसैलाब, पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गूंजी हुंकार

कर्णप्रयाग। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, उत्तराखंड के आह्वान पर आज कर्णप्रयाग में आयोजित “पेंशन हुंकार महारैली” में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को जोरदार ढंग से उठाया। विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि कर्मचारी वर्ग अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा के प्रश्न पर पूरी तरह एकजुट है।

महारैली को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि पुरानी पेंशन कोई सुविधा नहीं बल्कि कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने सेवाकाल के दौरान पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि कर्णप्रयाग की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस महारैली ने यह साबित कर दिया है कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी आंदोलन निरंतर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

संरक्षक एवं गढ़वाल मंडल अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संगठन जयदीप रावत ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी समाज के निर्माण की रीढ़ हैं। यदि उनका भविष्य सुरक्षित नहीं होगा तो व्यवस्था भी मजबूत नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से जुड़ा विषय है तथा सरकार को इस विषय पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।

प्रदेश उपाध्यक्ष पूरण फर्स्वाण ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक असुरक्षा की ओर धकेलती है। पुरानी पेंशन व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा की गारंटी प्रदान करती है और कर्मचारियों के आत्मविश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।

गढ़वाल मंडल अध्यक्ष शंकर भट्ट ने कहा कि आज की अभूतपूर्व उपस्थिति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड का कर्मचारी वर्ग पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के सुरक्षित भविष्य का आंदोलन है।

राजीव उनियाल ने कहा कि कर्मचारियों की एकता ही पुरानी पेंशन बहाली की सबसे बड़ी शक्ति है और यह संघर्ष अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर जारी रहेगा।महारैली में उपस्थित कर्मचारियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों ने एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराते हुए सरकार से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने संगठन की एकता, अनुशासन एवं संघर्ष की भावना का परिचय दिया।

इस अवसर पर, चमोली जिला अध्यक्ष सतीश कुमार प्रदेश सचिव मक्खनलाल शाह, देहरादून अध्यक्ष अवधेश सेमवाल,मंत्री अभिषेक नवानी, राजकीय शिक्षक संघ चमोली अध्यक्ष प्रकाश चौहान, राजकीय शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष आलोक रौथान, nopruf जिला अध्यक्ष रूद्रप्रयाग अंकित रौथन, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रणवीर सिंधवाल, गढ़वाल मंडल महिला अध्यक्ष रश्मि गौड़, चमोली के मंत्री दिगंबर नेगी, राजकीय शिक्षक संघ देहरादून के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप कंडारी, राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के अध्यक्ष भवान नेगी, मनोज काला, जसपाल रावत, शुभम चौधरी, आशीष जोशी, जगदीश चौहान, सुधीर कुंवर, सत्येंद्र कुमार, हिमांशु रावत, आलोक जोशी , प्रेम सिंह रावत, गौरव असवाल सुरजीत ,संदीप मैठाणी।आदि अनेक कार्मिक उपस्थित थे।

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