देहरादून, दिनांक 15 अप्रैल 2025 : अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजी.) उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने आज देहरादून कचहरी परिसर में एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं महामहिम राज्यपाल को दो महत्वपूर्ण मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
महासभा के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारी श्री राजेश कपिल के माध्यम से यह ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई कि चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के प्राकट्य दिवस (29 अप्रैल) को उत्तराखंड सरकार सार्वजनिक अवकाश घोषित करे। महासभा ने यह भी उल्लेख किया कि जैसे अन्य धर्मों एवं समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में कई अवकाश घोषित किए गए हैं, वैसे ही ब्राह्मण समाज की वर्षों पुरानी इस मांग को भी स्वीकृति दी जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 29 अप्रैल 2025 से पूर्व इस संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो ब्राह्मण समाज को उपवास, धरना और जन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में रुड़की में नहर किनारे नई गंगा सभा के गठन पर भी आपत्ति जताई गई है। महासभा ने कहा कि गंगा सभा (पंजीकृत) हरिद्वार की स्थापना भारतरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी द्वारा की गई थी और उसी संस्था के माध्यम से गंगा की सेवा होती रही है। किसी भी नई समानांतर संस्था का गठन न केवल सनातन परंपरा बल्कि महामना जी की भावना और विरासत का अपमान है।
महासभा ने मांग की है कि रुड़की में नई गंगा सभा के गठन को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए और गंगा से जुड़े सभी धार्मिक कार्यों एवं गतिविधियों का संचालन केवल हरिद्वार स्थित गंगा सभा (पंजी.) के माध्यम से ही किया जाए।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, महासचिव उमाशंकर शर्मा, संरक्षक शशि कुमार शर्मा व विश्वनाथ गौड़, महिला प्रदेश महासचिव प्रतिमा शर्मा, महिला उपाध्यक्ष अलका शर्मा, महानगर अध्यक्ष पीयूष गौड़, आर.सी. रतूड़ी, प्रभात ढंडरियाल, रजनीश शर्मा, देवश्री जी सहित अनेक गणमान्य ब्राह्मण प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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