
देहरादून। देहरादून जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्र में त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा की नृशंस हत्या की घटना ने न केवल समूचे छात्र समाज को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की सामाजिक समरसता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तराखंड प्रदेश ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
परिषद का कहना है कि देहरादून देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में से एक है, जहाँ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने और पूर्वोत्तर भारत से भी बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन के लिए आते हैं। ऐसे शांत और शैक्षणिक वातावरण वाले नगर में छात्र पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर देना अत्यंत निंदनीय, अमानवीय और राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तराखंड के प्रदेश मंत्री ऋषभ रावत ने कहा कि परिषद यह मांग करती है कि इस हत्या प्रकरण में संलिप्त सभी दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने, मृतक छात्र के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता प्रदान करने की भी मांग की।
परिषद ने राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया है कि देहरादून सहित प्रदेश भर में अध्ययनरत पूर्वोत्तर एवं अन्य राज्यों से आए छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें और निर्भय होकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि छात्र हित, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो परिषद इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन भी करेगी।

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