

देहरादून। डीआईटी यूनिवर्सिटी, देहरादून में नए और वर्तमान छात्रों के लिए एक प्रेरणादायी मोटिवेशनल सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं प्रेरक वक्ता आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत कर युवाओं को अपनी आंतरिक क्षमता पहचानने और जीवन में उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) विनय शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित न रखकर उनके समग्र व्यक्तित्व विकास और सामाजिक दायित्वों का बोध कराना था। कार्यक्रम में डीन एलुमनाई रिलेशंस व चीफ प्रॉक्टर डॉ. नवीन सिंघल तथा डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. राकेश मोहन की गरिमामय उपस्थिति रही।
अपने ओजस्वी संबोधन में आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी ने युवा सशक्तिकरण, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्य और सजग निर्णय लेने की कला पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे सफलता के पारंपरिक पैमानों से परे हटकर ऐसे सिद्धांतों को अपनाएं, जो एक संतुलित और जिम्मेदार जीवन का निर्माण करते हैं। भारत की समृद्ध आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परंपरा को आधुनिक जीवन के संदर्भों से जोड़ते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को धैर्य और स्पष्टता के साथ अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दी।

सत्र के दौरान आयोजित संवादात्मक (इंटरेक्टिव) चरण में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आचार्य जी से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस कार्यक्रम ने डीआईटी यूनिवर्सिटी की उस प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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