

हल्द्वानी /काठगोदाम। उत्तराखंड में एक अत्यंत दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जैसलमेर में तैनात बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सत्यपाल सिंह (53 वर्ष) छुट्टी मनाकर अपने घर रुड़की (हरिद्वार) लौट रहे थे। 27 जून को वे रानीखेत एक्सप्रेस से सवार हुए, लेकिन यह सफर उनके लिए आखिरी साबित हुआ।
29 जून की सुबह जब ट्रेन काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंची, तो जनरल डिब्बे में बेहोश हालत में पड़े एक व्यक्ति को देखकर हड़कंप मच गया। रेलवे पुलिस ने उन्हें तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाद में उनकी जेब से मिले आधार कार्ड से पहचान हुई कि वे बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सत्यपाल सिंह हैं।
परिजनों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चलती ट्रेन में जहरखुरानी गिरोह ने उन्हें नशीला पदार्थ युक्त पेय या खाना देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल, पर्स, सामान और अन्य कीमती चीजें लूट ली गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी काठगोदाम ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
सत्यपाल सिंह राज विहार कॉलोनी, मिलापनगर, सिविल लाइंस, रुड़की के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा हैं। पूरे इलाके में जहरखुरानी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन इस बार एक सुरक्षाकर्मी का इस तरह शिकार बनना बेहद चिंताजनक है। पुलिस अब जहरखुरानों के गिरोह को पकड़ने के लिए छानबीन तेज कर रही है।
यह घटना न केवल एक परिवार की खुशियों को चूर कर गई है, बल्कि ट्रेन यात्रा की सुरक्षा को लेकर भी नए सवाल खड़े कर रही है।

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