
12 जेसीबी और 15 डम्परों से युद्धस्तर पर चल रहा सफाई एवं पुनरुद्धार अभियान
देहरादून। कभी दून की जीवनरेखा कही जाने वाली रिस्पना नदी को नया जीवन देने की कवायद तेज हो गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से नदी के पुनरुद्धार और सफाई अभियान को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने राजीव नगर क्षेत्र में चल रहे सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून से पहले रिस्पना नदी की व्यापक सफाई सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिले। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

नगर निगम की ओर से मार्च से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक करीब 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है। निगम की ओर से बिंदाल नदी के लगभग आठ किलोमीटर और रिस्पना नदी के करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में बड़े स्तर पर सफाई कार्य कराया जा रहा है। शहर के अन्य नदी-नालों और जलधाराओं की भी नियमित रूप से सफाई की जा रही है।
रिस्पना नदी की सफाई के लिए नगर निगम ने 12 जेसीबी मशीनें और 15 डम्पर लगाए हैं, जिनकी मदद से नदी क्षेत्र में जमा कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदी को किसी भी सूरत में कूड़ाघर नहीं बनने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि नमामि गंगे और जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत नदी किनारे कूड़े के ढेर वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर साफ कराया जाएगा। साथ ही, रिस्पना में गिरने वाले बिना उपचारित नालों के पानी के शोधन के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए दीर्घकालिक और व्यवहारिक योजना पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों के समन्वित प्रयासों से रिस्पना को स्वच्छ और अविरल बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

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