

देहरादून। रेंजर्स ग्राउंड में बुधवार को आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बताया। अपने जन्मदिवस को युवा शक्ति के बीच मनाते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से तीन संकल्प लेने का आह्वान किया—जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करना, नशे से दूर रहना और सफलता हासिल करने के बाद अपनी क्षमता का कुछ हिस्सा उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित करना।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने अपने जन्मदिवस को “युवा संकल्प दिवस” के रूप में मनाए जाने पर प्रदेश के युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में वर्तमान युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर आज के युवा ही देश और प्रदेश के विकास का नेतृत्व करेंगे। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव या प्रदेश न छोड़ना पड़े। युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक तेजी से रोजगार और उद्योग की तस्वीर बदल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के जरिए भी स्वरोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
धामी ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं से संबंधित नीतियां बनाते समय उनकी आवाज और भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार का उद्देश्य है। आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखंड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और अधिकार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक नियुक्ति के पीछे एक युवा की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत को आदत, अनुशासन को पहचान और सीखने की इच्छा को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से मोबाइल और तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने का माध्यम भी है। सोशल मीडिया के दौर में आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहते हुए किसी भी जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना जरूरी है।
नशे पर बोले धामी—‘जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं’
मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ उसके सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने मित्रों व आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की अपील की।
अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने जन्मदिवस पर “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। पहला—जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने के लिए पूरी मेहनत करना। दूसरा—स्वयं नशे से दूर रहना और अपने साथियों को भी नशे से बचाना। तीसरा—जीवन में जिस भी क्षेत्र में सफलता मिले, अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित करना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवक किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के सपने, मेहनत और संकल्प विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला बनेंगे।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, विधायक सविता कपूर, विधायक बृजभूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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