देहरादून। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत देहरादून पुलिस ने दो बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। दून पुलिस ने एक तरफ जहां एटीएम मशीनों में फेवीक्विक लगाकर लोगों के कार्ड बदलने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, वहीं दूसरी ओर मजदूरी की आड़ में वाहन चोरी करने वाले शातिर चोर को महज 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पिछले कुछ समय से एटीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ कर लोगों से ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस टीम ने जब सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर तंत्र की मदद ली, तो एक चौंकाने वाला तरीका सामने आया। गिरफ्तार अभियुक्त अंकित कुमार और युवती प्राची सैनी बेहद शातिर तरीके से एटीएम मशीनों के कार्ड रीडर में ‘फेवीक्विक’ केमिकल डाल देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो मशीन खराब होने के कारण उसका कार्ड अटक जाता था। इसी दौरान मदद के बहाने अभियुक्त उसका पिन जान लेते और मौका पाकर कार्ड बदल देते थे। पुलिस ने इनके पास से विभिन्न बैंकों के 34 एटीएम कार्ड, ठगी के करीब 9 हजार रुपये और एक स्कूटी बरामद की है। आरोपी अंकित पहले भी जेल जा चुका है।

वहीं, थाना सेलाकुई पुलिस ने वाहन चोरी के एक मामले में तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर सफलता हासिल की। बीते 12 अप्रैल को जमनपुर निवासी मोहम्मद साकिब की घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए धूलकोट तिराहे के पास से अभियुक्त सलमान को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने कुबूल किया कि जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने मजदूरी छोड़कर चोरी का रास्ता चुना। वह बाइक की नंबर प्लेट बदलकर उसे बेचने की योजना बना रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से पहले ही धरा गया।
इन दोनों कार्यवाहियों ने जहां एक ओर ठगों के नेटवर्क को तोड़ा है, वहीं जनता के बीच पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ का सकारात्मक संदेश भी दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दोनों टीमों की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया है।


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