
देहरादून(आरएनएस)। आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे तकनीक के इस्तेमाल और ज्ञान को हर शिक्षण संस्थान को अपनाना होगा। आने वाले समय के लिए डिजिटल और तकनीकी कैंपस की सबसे ज्यादा जरूरत होगी। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हमारे शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों के जो भी लीडर हैं उनका तकनीकी ज्ञान और विजन साफ हो। ये बात दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने गुरुवार को दून विवि में एक और दो मार्च को संस्थागत नेतृत्व विकास पर होने जा रहे राष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी देते हुए प्रेस क्लब में कही। उन्होंने बताया कि आज देश में हर क्षेत्र में डिजिटल क्रांति बढ़ रही है। हर क्षेत्र में एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हमारे जो भी एजुकेशनल हैड और लीडर्स हैं उनको इन सबसे अच्छी तरह रूबरू कराने और एक दूसरे के ज्ञान को साझा करने के लिए ये बेहद अहम सम्मेलन होगा। जिसका आयोजन दून विवि में विद्याभारती उच्च शिक्षा संस्थान, यूकास्ट और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में सभी संस्थाओं को साथ काम करने की जरूरत पड़ेगी। इसी की भूमिका बनाने के लिए ये सम्मेलन अहम होगा। उन्होंने बताया कि यूजीसी के चेयरमैन प्रो. एम जगदीश,नैक के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धि,आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक डा. भाष्कर सहित देश विदेश के तमाम बड़े संस्थानों के हैड और देश के सभी विवि के कुलपति और राज्य के सभी डिग्री कालेजों के प्रिंसिपल भी इसमें शामिल होंगे। शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और समापन राज्यपाल लेज. (सेनि.) गुरुमीत सिंह करेंगे।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत,डिप्टी डायरेक्टर उच्च शिक्षा प्रो. दीपक पांडे, विद्याभारती उच्च शिक्षा संस्थान से प्रो. शिवराज सिंह और डा. राजकुमारी भंडारी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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