जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की दो टूक: ‘मातृ स्वास्थ्य से समझौता नहीं, अस्पतालों में प्रसव पर बढ़ाएं फोकस’

उत्तरकाशी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने और स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुँच सुनिश्चित करने के उदेश से सोमवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने विशेष रूप से मातृत्व स्वास्थ्य एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में गृह प्रसव को कम करने हेतु प्रभावी रणनीति अपनाई जाए तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए चल रहे अभियानों को और सुदृढ़ किया जाए। इसके अंतर्गत जनसंपर्क अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाए तथा जिन क्षेत्रों में गृह प्रसव की संख्या अधिक है, वहां विशेष फोकस करते हुए जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन कर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों के लिंगानुपात की समीक्षा की गई। साथ ही जनपद में संचालित 05 सरकारी एवं 02 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस हेतु एक अधिकारी को नामित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के प्रतीक्षालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई और अवगत कराया गया कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी 07 मई 2026 को जनपद के सभी विद्यालयों (सरकारी एवं निजी) तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश उस दिन दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 14 मई 2026 को “मॉप-अप डे” के तहत दवा दी जाएगी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में समय से दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे। साथ ही कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस रावत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पीएस पोखरियाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारीगण बीएस पांगती, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली, कुलवीर राणा, पमिता थपलियाल, इन्द्र शेखर, मनोज भट्ट, गिरीश व्यास, अजय बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे।

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