
देहरादून। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन के तहत देहरादून पुलिस इन दिनों नशे के सौदागरों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत जिले भर की पुलिस टीमें मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में लिप्त अपराधियों को लगातार चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेज रही हैं। इसी सिलसिले में थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसने मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक मां-बेटे की शातिर जोड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये आंकी गई है।
इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि क्षेत्राधिकारी डालनवाला नितिन लोहानी और नेहरू कॉलोनी के थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के दिशा-निर्देशन में तैयार की गई थी। थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोगीवाला चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र बडोनी और वरिष्ठ उपनिरीक्षक आशीष कुमार की टीम जब इलाके में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी, तभी मुखबिर से एक पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। इस सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए जोगीवाला चौक के पास घेराबंदी की और दो संदिग्धों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जामा तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 56.56 ग्राम अवैध स्मैक, नशा तोलने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और स्मैक बेचकर कमाए गए 7,120 रुपये नकद बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्श उर्फ छररा (उम्र 22 वर्ष) और उसकी मां आसमा (उम्र 50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दोनों स्थानीय जोगीवाला चौक क्षेत्र के ही निवासी हैं।

पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में इस अवैध कारोबार के पीछे का एक बेहद चिंताजनक नेटवर्क सामने आया। आरोपी अर्श खुद भी नशे का आदी है और वह इस स्मैक को एक स्थानीय ड्रग पेडलर से थोक के भाव खरीदकर लाया था। इसके बाद वह अपनी मां आसमा के साथ मिलकर इस स्मैक को देहरादून के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और नशे के आदी स्थानीय युवाओं को बेचने की फिराक में था। मां-बेटे की यह जोड़ी युवाओं की जिंदगी दांव पर लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का ताना-बाना बुन रही थी, लेकिन दून पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक ने उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया।
इस बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में मु0अ0सं0- 202/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/29 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, प्रदीप बिष्ट, विनोद बचकोटी, श्रीकांत ध्यानी, अर्जुन और सुमित ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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