

कैंट व धर्मपुर के आधा दर्जन वार्डों का दौरा कर वोटरों की समस्याएं सुनीं और बोले कि
- चुनाव आयोग की गलती का खामियाजा मतदाता नहीं भुगतेगा
- माता-पिता की उम्र से बच्चों की उम्र का अंतर व नाम के गलत लिखने पर अधिकांश नोटिस
- चुन-चुन कर गैर भाजपा सोच वाले वोटरों के नाम खारिज करने की साजिश
देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे गहन पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं को बिना स्पष्ट कारण नोटिस थमाए जाने और नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस ने सड़क से लेकर संसद तक की लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने बीते दो दिनों में कैंट व धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन वार्डों में भ्रमण कर उन मतदाताओं से सीधे मुलाकात की, जिन्हें एसआईआर के तहत नोटिस मिले हैं या जिनके नाम प्रारंभिक मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
कैंट विधानसभा क्षेत्र के कांवली, इंदिरापुरम, गांधीग्राम, द्रोणपुरी व सीमाद्वार वार्ड तथा धर्मपुर विधानसभा के मांजरा, ब्रह्मपुरी व ब्राह्मणवाला में स्थानीय लोगों से मिलकर धस्माना ने उनकी मतदाता सूची से संबंधित समस्याएं सुनीं। सीमाद्वार के शास्त्रीनगर निवासी श्रीमती अनिता दास का मामला सबसे ताजा उदाहरण है। धस्माना को उन्होंने बताया कि वह पिछले पच्चीस वर्षों से कांवली के मतदान केंद्र में पति के साथ मतदान कर रही हैं और उनके बच्चों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन अब एसआईआर में उन्हें बिना कोई कारण स्पष्ट किए नोटिस थमा दिया गया है। उसी वार्ड में बड़ी संख्या में लोगों को नाम परिवर्तन के कारण, कइयों को बिना कोई कारण बताए और कई मतदाताओं को उनके नाम के आगे देवी, सिंह अथवा कुमार जुड़े होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकांश नोटिस ऐसे मामलों में आए हैं, जहां माता-पिता की उम्र से बच्चों की उम्र का अंतर गलत दर्ज है या नाम ही गलत लिखा गया है।
यह पूरा अभियान सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टा और सरकार के दबाव में चलाया जा रहा है और चुन-चुन कर गैर भाजपा सोच वाले वोटरों के नाम मतदाता सूची से खारिज करने की साजिश रची जा रही है। यह आरोप धस्माना ने खुद वार्डों में नाराज लोगों को संबोधित करते हुए दोहराया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी इस मसले पर पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में बूथों पर चुनाव आयोग द्वारा जो सुनवाई होगी, उसमें पार्टी के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) व उस विधानसभा के पार्टी नेता लोगों का पूरा सहयोग करेंगे और यह प्रयास करेंगे कि किसी वैध मतदाता का नाम न कटे और कोई अवैध मतदाता न बन पाए। किंतु अगर चुनाव आयोग जानबूझकर भाजपा व सरकार के दबाव में वैध मतदाताओं का नाम काटने का प्रयास करेगा, तो पार्टी सड़कों पर लड़ाई लड़ने की भी पूरी तरह तैयार है। चुनाव आयोग की गलती का खामियाजा आम मतदाता नहीं भुगतेगा।”
धस्माना ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी अवैध मतदाता को सूची में बने रहने नहीं देगी, लेकिन जिन मतदाताओं ने दशकों से अपने बूथ पर मतदान किया है और जिनके परिवार की तीन-तीन पीढ़ियां सूची में दर्ज हैं, उनका नाम हटाना सीधे-सीधे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि हर उस नोटिस पर स्पष्ट कारण लिखा जाए, जिस मतदाता का नाम काटा जा रहा है, और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष हो।
बैठकों में धस्माना के साथ जगदीश धीमान, अल्ताफ अहमद, शुभम सैनी, नन्हे, प्रवीण कश्यप व आनंद सिंह पुंडीर सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने अगले कुछ दिनों में शहर के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी वार्ड-स्तरीय जनसंपर्क अभियान चलाकर एसआईआर से प्रभावित मतदाताओं की पूरी सूची तैयार करने और सामूहिक रूप से आपत्तियां दाखिल करने की योजना बनाई है।

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