

श्रीनगर। पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 में एक निराशाजनक लेकिन आस्था से ओत-प्रोत घटना ने हजारों श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया है। प्राकृतिक चमत्कार स्वरूप बाबा बर्फानी—हिम शिवलिंग—यात्रा शुरू होने के महज पांच दिनों में ही लगभग पूरी तरह विलीन हो गया। सात फीट ऊंचाई वाले भव्य शिवलिंग का आकार घटकर केवल 1 फीट रह गया, जिसने दर्शनार्थियों में गहरी मायूसी और भावुकता भर दी।
जो श्रद्धालु कठिन चढ़ाई चढ़कर गुफा तक पहुंचे, वे नम आंखों से बाबा बर्फानी को प्रणाम करते नजर आए। कई भक्तों ने भावुक स्वर में कहा, “हम उम्मीद नहीं कर रहे थे कि इस बार बाबा इतनी जल्दी हमें छोड़कर चले जाएंगे।” फिर भी उनकी आंखों में आंसू थे और होंठों पर एक ही प्रार्थना— “हे बाबा बर्फानी, अगले वर्ष फिर बुलाना… अपने दिव्य दर्शन का सौभाग्य प्रदान करना।”
आस्था अटूट, भावनाएं अनकही
यात्रा मार्ग पर लौटते हुए श्रद्धालु भावुकता से भरे दिखे। कुछ ने हाथ जोड़कर शिव की आराधना की, तो कुछ ने सिर झुकाकर मौन प्रार्थना की। एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा, “बाबा का रूप भले ही पिघल गया हो, पर हमारी आस्था कभी नहीं पिघलेगी। अगले साल फिर आएंगे, पूरे विश्वास के साथ।”
धार्मिक जानकारों के अनुसार, अमरनाथ गुफा का हिम शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया का परिणाम है। सर्दियों में जमी बर्फ की स्टैलगमाइट गर्मियों में तापमान, आर्द्रता और मौसम के बदलाव से आकार बदलती रहती है। इस वर्ष बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव ने इसे अपेक्षा से पहले विलीन कर दिया।
यात्रा जारी, भक्ति अक्षुण्ण
यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई है और अभी भी हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन गुफा पहुंच रहे हैं। भले ही प्राकृतिक शिवलिंग का भव्य रूप अब दिखाई नहीं दे रहा, पर भक्तों की आस्था बरकरार है। वे बाबा बर्फानी के प्रतीकात्मक दर्शन कर, मनोकामनाएं पूर्ण करने और अगले वर्ष पुनः आने का संकल्प लेकर लौट रहे हैं।

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