
एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे को निरस्त कराने पहुंचे थे कोर्ट, बिना आदेश के ही वापस ली अर्जी
नैनीताल। खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है। लक्सर कोतवाली में उनके खिलाफ दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे को रद्द कराने और गिरफ्तारी पर रोक लगवाने के लिए दाखिल याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट के कोई आदेश पारित करने से पहले ही पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने याचिका वापस ले ली।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि प्रणव चैंपियन ने फोन पर उन्हें जातिसूचक गालियां देने के साथ जान से मारने की धमकी दी थी। इस बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसकी प्रति पेन ड्राइव में मौजूद होने का हवाला देते हुए पीड़ित पक्ष ने इसे अदालत में पेश करने की इच्छा जताई। पीड़ित पक्ष ने यह भी बताया कि पूर्व विधायक के खिलाफ पहले से 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरी ओर, चैंपियन की तरफ से इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा गया कि उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है और वायरल वीडियो उनका नहीं है।
मामले की जड़ में 22 जून की एक घटना है। हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र के शांतरशाह निवासी जोगेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वे अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक विवाह समारोह से लौट रहे थे, तभी जेके टायर फैक्ट्री के पास एक वाहन ने ओवरटेक करते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। बाद में पता चला कि वह वाहन पूर्व विधायक प्रणव चैंपियन का था।
आरोप के मुताबिक, अगले दिन जब शिकायतकर्ता के बहनोई का किसी परिचित के मोबाइल से पूर्व विधायक से संपर्क हुआ, तो बातचीत के दौरान चैंपियन ने न सिर्फ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया बल्कि जान से मारने और महिलाओं के साथ दुष्कर्म कराने की धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इसी मुकदमे को चुनौती देते हुए प्रणव चैंपियन ने नैनीताल हाईकोर्ट का रुख किया था, हालांकि याचिका पर सुनवाई पूरी होने से पहले ही उसे वापस ले लिया गया। गौरतलब है कि इस विवाद को लेकर पूर्व विधायक पहले सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग चुके हैं।

Recent Comments