युवाओं के सवालों से विकास के विजन तक, बनबसा-खटीमा में धामी ने किया सीधा संवाद

‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ से ‘विकसित भारत-2047’ तक मुख्यमंत्री ने साझा किया विजन, बोले—भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और युवाओं के लिए रोजगार-स्‍वरोजगार पर फोकस

बनबसा/खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बनबसा और खटीमा में आयोजित विभिन्न संवाद कार्यक्रमों में युवाओं, विद्यार्थियों और प्रबुद्धजनों से सीधे संवाद किया। युवाओं ने रोजगार, नकल विरोधी कानून, नशामुक्ति, शिक्षा, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, सीमांत क्षेत्रों के विकास और आपदा प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, निष्ठा, अनुशासन और परिश्रम ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी हैं।

बनबसा के सुमंगलम होटल में आयोजित ‘युवा संवाद’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन करते हुए महान बनता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान को विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य तय करेगी।

नकल विरोधी कानून से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सख्त कानूनों के कारण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। राज्य में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। टनकपुर में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के अनुरोध पर उन्होंने उचित प्रयास का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत में करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर राज्य में ही उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष फोकस है।

युवा आयोग के गठन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन तथा रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने युवाओं से अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सीमांत क्षेत्र नहीं, देश के प्रथम गांव

खटीमा में सनातन धर्मशाला परिसर स्थित सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ में 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को देश का अंतिम छोर नहीं, बल्कि प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र मानकर विकास किया जा रहा है। ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को रोजगार की तलाश में अपने गांव और क्षेत्र से दूर न जाना पड़े।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो नागरिक टोल-फ्री नंबर 1064 अथवा संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों पर त्वरित जांच की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की कार्यप्रणाली पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त होनी चाहिए।

विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी

पर्यावरण और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी तथा होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से राज्य में पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सालाना पर्यटकों की संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।

‘आदर्श चंपावत’ से ‘आदर्श उत्तराखंड’ का संकल्प

बनबसा में युवा संवाद के बाद मुख्यमंत्री ने प्रबुद्धजनों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के दर्पण होते हैं और उनके विचार समाज को दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि चंपावत को ‘आदर्श चंपावत’ बनाने के साथ पूरे उत्तराखंड को ‘आदर्श उत्तराखंड’ बनाने का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर में आईएसबीटी और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को क्षेत्र के पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। मां पूर्णागिरि धाम को वर्षभर तीर्थयात्रियों के लिए सुगम बनाने के लिए स्थायी प्रकाश व्यवस्था, रोपवे और हेलीपैड जैसी योजनाओं पर काम किए जाने की जानकारी भी दी। कैलाश मानसरोवर यात्रा के मद्देनजर टनकपुर को पर्यटन एवं तीर्थाटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, कानून-व्यवस्था, निवेश और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। राज्य की जीएसडीपी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हुई है। मानसखंड की झांकी को कर्तव्य पथ पर प्रथम स्थान मिलना प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित

बनबसा में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। नीट परीक्षा में सफल बसटिया की हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रेसलिंग में स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढ़कोटी को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा खेल एवं दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौसेवा करने वाले पवन मेहता, नशामुक्ति अभियान संचालक मनीष सिंह, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अजंता विजय, बागवानी के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने वाले कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति एवं मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना और पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली अरुणिमा रावत को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों और बड़ी संख्या में प्रबुद्धजनों की मौजूदगी रही।

इसी दौरान बनबसा की प्रथम महिला ग्राम प्रधान एवं दिव्यांग कमला देवी मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे आना चाह रही थीं। उन्हें देखकर मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुंचे और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

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