राज्यपाल का विश्वविद्यालयों को निर्देश: “डिग्री नहीं, राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम युवा तैयार करें”

पारदर्शी भर्ती, लीक-प्रूफ परीक्षा और AI के उपयोग पर दिया जोर, NIRF-NAAC रैंकिंग सुधारने को कहा

देहरादून। कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने मंगलवार को लोक भवन में प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विश्वविद्यालयों की उपलब्धियों, चुनौतियों, शोध कार्यों और रिक्त पदों की पूर्ति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्यपाल ने साफ कहा कि अब विश्वविद्यालयों का काम सिर्फ डिग्री बांटना नहीं है। 
*“हमारे विश्वविद्यालयों से निकलने वाला हर विद्यार्थी उद्योग, रोजगार, उद्यमिता और 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होना चाहिए। हमें ऐसे आत्मविश्वासी और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित युवा तैयार करने हैं जो देश के विकास में सार्थक योगदान दे सकें”*, उन्होंने कहा।

राज्यपाल ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में आधुनिक तकनीक और AI का उपयोग किया जाए। हर स्तर पर कड़ी जांच और पुन: जांच की व्यवस्था हो ताकि पेपर लीक और त्रुटियां पूरी तरह खत्म हों और व्यवस्था की साख बनी रहे।

उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान सिर्फ भवनों से नहीं, बल्कि उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध और नवाचार से होती है। NIRF और NAAC रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए शोध, पेटेंट, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण अवस्थापना और अकादमिक उत्कृष्टता पर काम करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नियुक्ति तय मानकों के अनुसार हो।

साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की नैतिक शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर ध्यान देने को कहा। राज्यपाल के अनुसार विश्वविद्यालयों को ऐसा सहयोगात्मक माहौल बनाना चाहिए जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।

बैठक में जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, HNB चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, VC SG औद्यानिकी विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय और कुमाऊँ विश्वविद्यालय सहित सभी कुलपतियों ने अपने संस्थानों की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।

बैठक में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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