

देहरादून । ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग और नैनोफ्लूडिक्स (Nanofludiks Research Private Limited) के बीच माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी तथा कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी के क्षेत्रों में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस एमओयू के तहत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उद्योग की तेजी से बदलती जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान, आधुनिक तकनीकों और शोध की उन्नत विधियों से सीधे रूबरू कराया जाएगा। सहयोग के माध्यम से संयुक्त शोध परियोजनाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम, हैंड्स-ऑन वर्कशॉप, इंटर्नशिप और ज्ञान आदान-प्रदान की योजनाएँ चलाए जाने की संभावना है, जिससे छात्र उद्योग-उन्मुख कौशल विकसित कर सकें।
यह साझेदारी ग्राफिक एरा के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की उद्योग-अकादमिक सहयोग बढ़ाने की निरंतर कोशिशों का हिस्सा है। विभाग पहले भी विभिन्न संस्थानों और कंपनियों के साथ एमओयू कर चुका है, जिनका उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और शोध के अवसर प्रदान करना है। नैनोफ्लूडिक्स के साथ यह समझौता विशेष रूप से कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, बायोइंफॉर्मेटिक्स और आधुनिक बायोटेक तकनीकों में छात्रों की क्षमता बढ़ाने में सहायक होगा।
नैनोफ्लूडिक्स कंपनी के कार्यक्रमों में ऑर्गेनॉइड एवं स्फेरोइड इंजीनियरिंग, मल्टी-ओमिक्स एवं एआई-एनेबल्ड डेटा एनालिसिस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग तथा नैनोफ्लूइडिक्स तकनीक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। एमओयू के जरिए ग्राफिक एरा के छात्र इन उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्युटिकल्स, वैक्सीन/ड्रग विकास और संबंधित उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
यह सहयोग अकादमी और उद्योग के बीच की खाई को पाटने तथा उत्तराखंड में उच्च शिक्षा एवं शोध के माहौल को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच भविष्य में और विस्तृत गतिविधियाँ शुरू होने की उम्मीद है।

Recent Comments