

नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो और डीआरआई मुंबई ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के सहयोग से एक बड़े वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 53 संरक्षित जानवर और पक्षी सुरक्षित बरामद किए गए और 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई और डीआरआई की टीम ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई डीआरआई मुंबई द्वारा विकसित खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें एक अंतरराज्यीय अपराध सिंडिकेट वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों का अवैध व्यापार कर रहा था।
बरामद किए गए वन्यजीवों में 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार टॉर्टोइज़, 6 इजिप्शियन वल्चर और 2 शिकरा पक्षी शामिल हैं। ये सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध हैं, जिन्हें भारत में उच्चतम स्तर का संरक्षण प्राप्त है।
सीबीआई ने 7 और 8 जुलाई 2026 को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। इसमें 3 आरोपियों को मुंबई से और 3 को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की आपराधिक साजिश की धाराओं में दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा इन जानवरों और पक्षियों को भारत के विभिन्न हिस्सों से लाकर व्यापार के लिए रखा गया था। बरामद वन्यजीवों को प्रारंभिक कार्रवाई के बाद सुरक्षित अभिरक्षा और देखभाल के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के वन विभागों को सौंप दिया गया है।
सीबीआई ने कहा कि यह संयुक्त कार्रवाई वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और वन्यजीव संरक्षण कानून को सख्ती से लागू करने का उदाहरण है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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